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दुबियाखाड़ आदिवासी महाकुंभ मेला घोषित होगा राजकीय मेला, मुख्यमंत्री बनेंगे गवाह : मंत्री

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Two-day fair started in Dubiyakhad

पलामू प्रमंडल के दुबियाखाड़ में लगने वाला दो दिवसीय मेला शुरू

संतोष कुमार/बेतला

पलामू प्रमंडल के राजा मेदनी राय की याद में लगने वाले दो दिवसीय आदिवासी महाकुंभ मेला की शुरुआत शुक्रवार को हुई. राज्य के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर, विधायक रामचंद्र सिंह ने मेले का उद्घाटन किया. कार्यक्रम का शुभारंभ राजा मेदनी राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया. वही आद्दि कुड़ुख समाज के महिला व पुरुषों ने मांदर की थाप पर अतिथियों का आदिवासी नृत्य संगीत से स्वागत किया.

कोरोना महामारी में भी किसी को भूखे नहीं मरने दिया गया : रामेश्वर

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि पलामू का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है. झारखंड के इतिहास में एक से बढ़कर एक महापुरुष और वीर हुए हैं जिनकी गाथाओं को आज की युवाओं को पढ़ने की जरूरत है. राजा मेदनी राय भी उनमें से एक थे. अंग्रेजों ने भी पलामू की धरती को काफी पसंद किया था. लोगों को अतीत के इतिहास में झांकने की जरूरत है.

राज्य सरकार की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि आज हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार सभी लोगों के लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है. पूर्व के सरकार में 26 -27 लोग भूख से मर गये थे. जबकि इस सरकार में कोरोना जैसे महामारी होने के बावजूद भी लोगों को भूख से मरने नहीं दिया गया. 64 लाख परिवारों को धोती साड़ी का वितरण किया गया. 60 वर्ष से ऊपर सभी लोगों को पेंशन दिया जा रहा है. मनिका विधायक रामचंद्र सिंह को राजा मेदनी राय का वंशज बताते हुए कहा कि आज से उन्हें वह राजा रामचंद्र कहेंगे.

दुबिया खाड़ मेला पर्यटन स्थल के साथ होगा सरकारी मेला : मिथलेश

पेयजल व स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि दुबियाखांड के इस मेला स्थल को न केवल पर्यटन स्थल के रूप में बल्कि सरकारी मेला घोषित कराया जाएगा. पर्यटन मंत्री से सहमति मिल गयी है. मुख्यमंत्री से सिर्फ सहमति मिलने की जरूरत अगले वर्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब यहां आएंगे तब यह राजकीय मेला के रूप में जाना जाएगा. वह इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेंगे. आज सरकार के प्रयास से यहां की भूमि को मेला समिति को सुपुर्द कर दिया गया है अन्यथा इस भूमि पर माफियाओं की नजर थी.

उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है .नई पर्यटन नीति का अनुमोदन कर दिया गया है. पलामू प्रमंडल पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी मूलवासी को हक दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है. आदिवासी बहुल वासियों के लिए कई बड़ी बड़ी योजनाओं को लागू की गयी है .पहले आदिवासी टकटकी लगाकर की राह देख रहे थे लेकिन अब स्थिति बदल रही है. उन्होंने कहा कि 2024 तक झारखंड बदला हुआ नजर आएगा।

राजा मेदनी राय के पद चिन्हों पर चलने की है जरूरत : रामचंद्र विधायक

मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि राजा मेदनी राय के इस पावन धरती पर इस तरह का आयोजन निश्चित रूप से गौरवशाली है .पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी के प्रयास से इस स्थल पर लगने वाला यह मेला आज ऐतिहासिक हो गया है. राजा मेदनी राय ने जिस समाज के निर्माण के लिए परिकल्पना की थी उस समाज के निर्माण के लिए यह जरूरी है कि उनके पद चिन्हों पर चला जाए. आज हम बहक जा रहे हैं.दूसरे लोगों के बहकावे में न आकर अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत है. उन्होंने सभी लोगों का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्हें फक्र इस बात की है कि अब तक मेले में राज्य और केंद्र के कई मंत्री और मुख्यमंत्री पहुंच चुके हैं. जिन्होंने अब तक क्षेत्र को बहुत कुछ दिया है.

परिसंपत्ति का किया गया वितरण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत पांच, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के चार, सोना सोबरन धोती साड़ी योजना के पांच, पेट्रोल सब्सिडी के दो व 11 लाभुकों को पेंशन स्वीकृति पत्र दिया गया. वही लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया.

समाज में बेहतर करने वाले को किया गया सम्मानित

आदिवासी समाज से बेहतर करने वाले डिप्टी कलेक्टर अरुण सिंह ,डॉ मीना सिंह और खेल जगत में बेहतर करने वाले अक्षय सिंह को भी अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया .पडवा प्रखंड क्षेत्र के सीता गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक अंबिका प्रसाद सिंह के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने पर मंत्री रामेश्वर उरांव, मिथिलेश ठाकुर तथा विधायक रामचंद्र सिंह के द्वारा संयुक्त रुप से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया.

मेला समिति समिति के अध्यक्ष ने रखी मांग

मेला समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने पलामू समाहरणालय में राजा मेदनी राय की प्रतिमा स्थापित करने वनवासियों को व्यक्तिगत पट्टा देने आदिवासी विकास को मेला को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित करने प्रत्येक गुरुवार को दुबिया घर में बाजार लगाने शाहपुर किला में छात्रावास का निर्माण कराने आदि की मांग के संबंध में पत्र सौंपा. जबकि मेदनी वेलफेयर सोसायटी के द्वारा आदिवासियों समाज के विकास के लिए चलाए जा रहे योजनाओं के बारे में भी उल्लेख किया गया.मेले के दौरान मेला समिति लोगों ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियां को दूर करने की जरूरत है तथा शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है तभी सभी वर्ग समुदाय के लोगों का विकास संभव है. वही समाज को एकजुट रहने तथा मेदनी राय के आदर्शों व विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मेला समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह तथा संचालन अभय सिंह ने की.

जो रहे उपस्थित

सरजा पंचायत के मुखिया आनंद कुमार , झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिन्हा, कांग्रेसी नेता रूद्र शुक्ला, सतबरवा प्रखंड विकास पदाधिकारी राज किशोर प्रसाद, पूर्व अंचलाधिकारी युगेश्वर सिंह, प्रशासनिक पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह, जिला समिति के उपाध्यक्ष हृदयानंद सिंह, अजय सिंह, सचिव सुरेंद्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता भरदूल सिंह, उमेश सिंह ,रविंद्र सिंह, सुनील उरांव, सत्यनारायण उरांव, ठकुराई सिंह, त्रिपुरारी सिंह, रामेश्वर सिंह ,जोगेंद्र सिंह प्रशासन के कई पदाधिकारी उपस्थित थे.

Two-day fair started in Dubiyakhad


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