Breaking :
||झारखंड एकेडमिक काउंसिल कल जारी करेगा मैट्रिक और इंटर का रिजल्ट||लातेहार: चुनाव प्रशिक्षण में बिना सूचना के अनुपस्थित रहे SBI सहायक पर FIR दर्ज||ED ने जमीन घोटाला मामले में आरोपियों के पास से बरामद किये 1 करोड़ 25 लाख रुपये||झारखंड में हीट वेब को लेकर इन जिलों में येलो अलर्ट जारी, पारा 43 डिग्री के पार||सतबरवा सड़क हादसे में मारे गये दोनों युवकों की हुई पहचान, यात्री बस की चपेट में आने से हुई थी मौत||झारखंड: रामनवमी जुलूस रोके जाने से लोगों में आक्रोश, आगजनी, पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़, लाठीचार्ज||लातेहार में भीषण सड़क हादसा, दो बाइकों की टक्कर में तीन युवकों की मौत, महिला समेत चार घायल, दो की हालत नाजुक||बड़ी खबर: 25 लाख के इनामी समेत 29 नक्सली ढेर, तीन जवान घायल||पलामू: महुआ चुनकर घर जा रही नाबालिग से भाजपा मंडल अध्यक्ष ने किया दुष्कर्म, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस||झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य नज़रुल इस्लाम ने मोदी को जमीन में 400 फीट नीचे गाड़ने की दी धमकी, भाजपा प्रवक्ता ने कहा- इंडी गठबंधन के नेता पीएम मोदी के खिलाफ बड़ी घटना की रच रहे साजिश
Saturday, April 20, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरलातेहार

लापरवाही का आरोप : खून की कमी से महिला की मौत, चंदवा सीएचसी में उपलब्धता के बाद भी नहीं चढ़ाया गया खून

लातेहार : माकपा नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता अयूब खान ने चंदवा सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगाया है कि उनकी लापरवाही के कारण प्रखंड के कामता गांव निवासी दिवंगत मुनेश्वर महली की पत्नी गीता देवी (60 वर्ष) की मौत खून की कमी से हो गयी। .

जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने बताया है कि मंगलवार को गीता देवी के पेट में अचानक दर्द उठा था। जिन्हें परिजनों की सहायता से ईलाज के लिए चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

माकपा नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता अयूब खान

जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने ब्लड की कमी बताते हुए परिजनों को ब्लड की व्यवस्था करने को कहा गया। चिकित्सकों ने महिला के शरीर में 5 ग्राम ब्लड होने की बात बताई थी।

उन्होंने आगे बताया है कि बुधवार 12 बजे दिन में ही परिजनों ने अस्पताल को ब्लड उपलब्ध करा दिया गया। लेकिन शाम तक मरीज गीता को अस्पताल में ब्लड नहीं चढ़ाया गया। जब बुधवार की देर रात उनकी हालत बिगड़ी तो उन्हें सदर अस्पताल लातेहार रेफर कर दिया गया। जहां गुरुवार की अहले सुबह ब्लड चढ़ने के क्रम में गीता की मौत हो गई।

आगे बताया कि ब्लड अस्पताल में घंटों पड़ा रह गया लेकिन मरीज को चढ़ाया नहीं गया। एक तरफ अस्पताल में रक्त की कमी बताई गई वहीं दूसरी ओर ब्लड रहते हुए मरीज को नहीं चढ़ाया गया। परिजनों को मलाल है कि ब्लड आते ही मरीज को चंदवा अस्पताल में ब्लड चढा दिया जाता और ब्लड चढ़ते हुए लातेहार भेज दिया जाता तो गीता की जान बच सकती थी।

उन्होंने इस मामले में बीपीएम को दोषी ठहराते हुए कहा कि बीपीएम का पुनः चंदवा सीएचसी में पदस्थापना और उसके द्वारा बरती जा रही लापरवाही से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *