Breaking :
||बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री||आर्थिक तंगी के कारण कोई भी छात्र उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से न रहे वंचित: मुख्यमंत्री||झारखंड में मानसून की आहट, भारी बारिश का अलर्ट जारी||बड़गाईं जमीन घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, जमीन कारोबारी के ठिकाने से एक करोड़ कैश और गोलियां बरामद||पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सेक्शन अधिकारी समेत दो रिश्वत लेते गिरफ्तार||सतबरवा में कपड़ा व्यवसायी के बेटे और बेटी के अपहरण का प्रयास विफल, लातेहार की ओर से आये थे अपहरणकर्ता||लातेहार: एनडीपीएस एक्ट के दोषी को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना||लातेहार सिविल कोर्ट में आपसी सहमति से प्रेमी युगल ने रचायी शादी||लातेहार: किड्जी प्री स्कूल के बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योगाभ्यास||किसानों की समृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : मुख्यमंत्री
Saturday, June 22, 2024
झारखंडमहुआडांड़लातेहार

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज: ‘जान देंगे, जमीन नहीं’ नारे के साथ राजभवन पदयात्रा शुरू

लातेहार : नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द करने की मांग को लेकर केन्द्रीय जन संघर्ष समिति लातेहार, गुमला के बैनर तले राजभवन के लिए पदयात्रा आज से शुरू हो गयी. इसमें जेरोम गेराल्ड कुजूर और फिल्म निर्देशक श्रीराम डाल्टन सहित अन्य आंदोलनकारी शामिल हैं। यह पदयात्रा 25 अप्रैल को रांची पहुंचेगी.

जान देंगे, जमीन नहीं देंगे. जल, जंगल, जमीन हमारा है. इस नारे के साथ गुरुवार को झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट के सत्याग्रह स्थल टुटूवापानी से नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द कराने की मांग को लेकर केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार, गुमला के बैनर तले राजभवन के लिए पदयात्रा शुरू हुई.

इस पदयात्रा को केंद्रीय जनसंघर्ष के सबसे बुजुर्ग साथी 95 वर्षीय एमान्वेल एवं मगदली कुजूर, दोमनिका मिंज, मो खाजोमुदीन खान, बलराम प्रसाद साहू, एवं रमेश प्रसाद जायसवाल ने आंदोलनकारियों को माला पहनाकर एवं झंडा दिखाकर रवाना किया. इस पदयात्रा में जेरोम जेराल्ड कुजूर व फिल्म निर्देशक श्रीराम डाल्टन भी शामिल हैं. ये पदयात्रा 25 अप्रैल को रांची पहुंचेगी. यहां आंदोलनकारी राजभवन के समक्ष धरना देंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.

नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द करने के लिए पदयात्रा

ये पदयात्रा नेतरहाट की वादियों से निकल कर चिलचिलाती धूप में टुटूवापानी से बनारी, विशुनपुर, आदर, घाघरा, टोटाम्बी, गुमला, सिसई, भरनो, बेड़ो, गुटुवा तालाब, कटहलमोड़, पिस्का मोड़, रातू रोड होते 25 अप्रैल को रांची (राजभवन) पहुंचेगी. यात्रा में प्रभावित क्षेत्र के 200 से अधिक आंदोलनकारी महिला एवं पुरुष के साथ युवा भी शामिल हुए. ये 25 अप्रैल को राजभवन के समक्ष धरना देंगे और राज्यपाल को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा.

इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए बुधवार शाम से ही सत्याग्रह स्थल टुटूवापानी में प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण जुटने लगे थे. सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने रात्रि विश्राम किया, जहां जन संघर्ष समिति के द्वारा भोजन की व्यवस्था की गयी. इस पदयात्रा में फिल्म निर्देशक श्री राम डाल्टन भी शामिल हुए. आपको बता दें कि इस आंदोलन की पृष्ठभूमि पर एक फ़िल्म का ताना बाना बुना गया. पटकथा लिखी गयी और फ़िल्म थंडर स्प्रिंग बनाई गयी है. निर्देशक श्रीराम डाल्टन ने कहा कि मौका मिले तो फ़िल्म जरूर देखें. इसमें दिखाया गया है कि कैसे लोग जान देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन किसी सूरत में देने को तैयार नहीं हैं।

28 वर्षों से चल रहा आंदोलन

एकीकृत बिहार के समय में 1954 में मैनूवर्स फील्ड फायरिंग आर्टिलरी प्रैटिक्स एक्ट, 1938 की धारा 9 के तहत नेतरहाट पठार के 7 राजस्व ग्राम को तोपाभ्यास (तोप से गोले दागने का अभ्यास) के लिए अधिसूचित किया गया था. 1991 और 1992 में फायरिंग रेंज अवधि विस्तार करते हुए इसकी 1992 से 2002 तक कर दी गई. केवल अवधि का ही विस्तार नहीं हुआ. क्षेत्र का विस्तार करते हुए और 7 गांव से बढ़ाकर 245 गांव को अधिसूचित किया गया. 22 मार्च 1994 को फायरिंग अभ्यास के लिए आई सेना को महिलाओं की अगुवाई में बिना अभ्यास के वापस जाने पर मजबूर कर दिया गया था. ये आंदोलन पिछले 28 वर्षों से चल रहा है।

लातेहार की ताज़ा ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें