Breaking :
||पलामू में बिजली गिरने से तीन किशोर की मौत, बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे छिपे थे||रांची में करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, तिरंगा लगाने के दौरान हुआ हादसा||15 अगस्त को झारखंड के 26 पुलिसकर्मियों को विभिन्न सेवाओं के लिए मेडल||रांची में नकली नोटों के तस्कर को पकड़ने गई दिल्ली पुलिस पर ग्रामीणों ने किया हमला, बनाया बंधक||झारखंड जल्द होगा सूखाग्रस्त घोषित, सभी मापदंडों पर तैयार हो रही रिपोर्ट||लातेहार: विद्यालय से उर्दू शब्द हटाए जाने पर मुस्लिम समुदाय में आक्रोश, किया प्रदर्शन||मुख्य धारा में लौटे नक्सलियों के सम्मान समारोह में अधिकारियों ने कहा- सरकार की सेरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाएं नक्सली||लातेहार : खेत में धान बो रहे किसान पर गिरी बिजली, पति-पत्नी की मौके पर ही मौत||झारखंड भाजपा को मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष, नियुक्ति को लेकर कई नामों पर चर्चा||अब झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी 100 यूनिट मुफ्त बिजली

लातेहार: ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर लगाया बोर्ड, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक

'

लातेहार : चंदवा प्रखंड में प्रस्तावित बनहरदी कोयला ब्लॉक से प्रभावित बारी पंचायत के ग्रामीणों ने पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र का हवाला देते हुए ग्राम सभा के बाद पारंपरिक रीति से पूजा कर पंचायत की सीमा पर बोर्ड लगा दिया है। ग्राम सभा ने पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र का हवाला देते हुए गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

बारी गांव के प्रवेश मार्ग के अलावा सीमा पर कुल पांच ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं। ब्लॉक में बनहरदी कोल ब्लॉक शुरू किया जाना है। यह कोयला ब्लॉक एनटीपीसी कंपनी के नाम है। बनहरदी के अलावा बारी, एटे, छातासेमर, डडैया, बरवाडीह समेत अन्य गांव प्रभावित हो रहे हैं। इस कोयला ब्लॉक को लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पहले से ही विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

बारी पंचायत की सीमा पर लगे बोर्ड में लिखा है कि पूजा के बाद पाहन-पुजेर की उपस्थिति में बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड पर जय जजमेंट, जय आदिवासी, जय जोहार अंकित हैं। बोर्ड में भारत के संविधान की पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए गांव में स्वतंत्र रूप से भ्रमण करना, बसना, व्यापार करना आदि अंकित है।

उल्लेखनीय है कि इसी माह वन अधिकार समिति व अंचल कार्यालय की पहल पर बारी व बनहरदी गांव में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इन दोनों गांवों में ग्राम सभा का जोरदार विरोध हुआ। यहां ग्राम सभा करने आए अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी के अलावा कंपनी के लोग जमीन पर बैठने को मजबूर हो गए। अंतत: करीब तीन घंटे के बाद बांड लिखकर वापस भेज दिया गया कि वह यहां दूसरी बार कभी नहीं आएंगे।