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Saturday, June 22, 2024
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शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के असामयिक निधन पर झारखंड में शोक की लहर, जानिये उनका राजनीतिक सफर

रांची : झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का गुरुवार सुबह 6:30 बजे चेन्नई के अस्पताल में निधन हो गया। वे 56 वर्ष के थे। उनकी तबीयत बिगड़ने पर 14 मार्च को दोबारा एयरलिफ्ट कर उन्हें इलाज के लिए रांची से चेन्नई ले जाया गया था।

पहले कोरोना काल में वह कोरोना की चपेट में आ गये थे। तब उनका लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया था। करीब एक साल ठीक रहने के बाद फिर से उनकी तबीयत बिगड़ गयी। जिसके बाद 14 मार्च को एयरलिफ्ट कर उन्हें चेन्नई ले जाया गया था।

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जगरनाथ महतो के असामयिक निधन से झारखंड के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो, भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास समेत विभिन्न राजनीतिज्ञों ने जगरनाथ महतो के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

पिछली बार चार महीने तक चला था इलाज

पिछले साल सितंबर 2022 में भी शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी थी। करीब एक महीने तक रांची में उनका इलाज चला था। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर 19 अक्टूबर 2022 को उन्हें एयर एंबुलेंस कर रांची से चेन्नई ले जाया गया था। चेन्नई में उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 28 अक्टूबर को अस्पताल की तरफ से एक मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया था, जिसमें उनके फेफड़ों में कोई सुधार नहीं दिखा। तब डॉक्टरों ने लंग्स ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया। 10 नवंबर को जगरनाथ महतो का लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया। 11 जनवरी को उन्हें आईसीयू से जनरल वॉर्ड में शिफ्ट किया गया था।

जगरनाथ महतो का राजनीतिक सफर

हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री रहे जगरनाथ महतो डुमरी सीट से विधायक थे। जगरनाथ महतो ने 2019 के चुनाव में भी डुमरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था। उन्होंने भाजपा के लालचंद महतो को 32481 मतों से पराजित किया था।

डुमरी विधानसभा क्षेत्र पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का गढ़ माना जाता है। झामुमो के जगरनाथ महतो ने यहां से 2005, 2009, 2014 और 2019 में जीत हासिल की थी। इस सीट से लगातार तीन बार विधायक बनने वाले वे एकमात्र नेता थे।

नावाडीह प्रखंड के अलारगो के सिमराकुल्ही गांव के रहनेवाले जगरनाथ महतो मैट्रिक तक शिक्षा हासिल की थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 में की थी। उन्होंने यहां के विधायक रहे शिवा महतो के सहयोगी के रूप में काम किया था। उन्होंने पहली बार 2000 में समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वे चुनाव हार गये थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विट कर उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा है कि हमारे टाइगर जगरनाथ दा नहीं रहे। आज झारखंड ने महान आंदोलनकारी, जुझारू, कर्मठ व जनप्रिय नेता खो दिया। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार को दुख की यह घड़ी सहन करने की शक्ति दे।

विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने जगरनाथ महतो के निधन पर दुख प्रकट किया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के आकस्मिक निधन पर दुख जताया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जगरनाथ महतो के निधन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि आज हम सभी ने अपना अभिभावक, झारखंड ने एक आंदोलनकारी और राज्य की जनता ने एक लोकप्रिय नेता खो दिया। उन्होंने एक अभिभावक के रूप में हमेशा मुझे मार्गदर्शन दिया। कोरोना काल में उनके कार्य कुशलता ने हम सभी को प्रोत्साहित किया। खुद कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और लड़ाई रहे।

बाबूलाल मरांडी ने जताया दुख

बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर दुख जताया। उन्होंने कहा कि, झारखंड सरकार के मंत्री जगरनाथ महतो के चेन्नई के अस्पताल में निधन की बेहद दुःखद सूचना मिली है। लंबे समय से बीमारी को हराते हुए योद्धा की भांति डटे रहने वाले जगरनाथ जी का चले जाना पूरे झारखंड के लिए अत्यंत दुखदायी है। राजनैतिक भिन्नताओं के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उनकी जीवटता का मैं सदैव प्रशंसक रहा हूं। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। भावभीनी श्रद्धांजलि ॐ शांति ॐ शांति।

झारखंड की राजनीति में अपूरणीय क्षति: सुदेश महतो

सुदेश महतो ने ट्वीट कर कहा कि झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री आदरणीय जगरनाथ महतो जी का चेन्नई में इलाज के दौरान निधन की खबर से आहत हूं। वे जुझारू तेवर के और जमीन से जुड़े नेता थे। उनका असमय जाना झारखंड की राजनीति में अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

Jharkhand Education minister passed away