Breaking :
||राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 फरवरी को आयेंगी रांची, सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम||झारखंड: अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती से किया दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन कराकर जबरन करा दी शादी||लातेहार: बालूमाथ में लोडेड देशी पिस्टल के साथ दो युवक गिरफ्तार, कार जब्त||पीएम मोदी ने समुद्र में लगायी डुबकी, जलमग्न कृष्ण की नगरी द्वारका को देखा||लातेहार: बारियातू में ऑटो चालक की गोली मारकर हत्या, विरोध में सड़क जाम||लातेहार जिले के विकास के लिए किसी के पास कोई रोडमैप नहीं, अधिकारी भी नहीं रहना चाहते यहां: सुदेश महतो||झारखंड में अधिकारियों के तबादले में चुनाव आयोग के निर्देशों का नहीं हुआ पालन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिखा पत्र||पलामू: बाइक सवार अपराधियों ने व्यवसायी को मारी गोली, पत्नी ने गोतिया परिवार पर लगाया आरोप||पलामू: ट्रैक्टर की चपेट में आने से बाइक सवार इंटर के परीक्षार्थी की मौत||पलामू DAV के बच्चों की बस बिहार में पलटी, दर्जनों छात्र घायल
Monday, February 26, 2024
बरवाडीहलातेहार

डोली में पारंपरिक तरीके से विदा हुई मां सरस्वती, युवाओं की हो रही प्रशंसा

शशि शेखर/बरवाडीह

लातेहार : एक ओर जहां प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुरानी परंपरा पूरी तरह से विलुप्त होने के कगार पर है। वहीं दूसरी ओर बरवाडीह प्रखंड की पुरानी बस्ती अंतर्गत मां दुरजागिन दरबार सेवा संघ के द्वारा सोमवार को प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुरानी परंपरागत तरीके से मां सरस्वती को डोली में विदा किया गया।

माँ दुरजागिन दरबार सेवा संघ ने प्रतिमा की स्थापना करने के बाद पूरे विधि से दो दिनों तक पूजा अर्चना करने के बाद सौमवार को प्रतिमा विसर्जन को लेकर दिन में झाली निकाली गई। जहाँ माँ की प्रतिमा किसी वाहन में नही बल्कि डोली में थी और उसे स्थानीय लोगों के द्वारा काँधा देकर गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के बीच पूरे नगर में भ्रमण कराते हुए, मेंन रोड स्थित धड़धड़ी नदी में ले जाया गया।

इस दौरान पूरा इलाका भक्ति में माहौल में रंग चुका था जहां लोग पुरानी बस्ती के युवाओं के इस पहल की जमकर प्रशंसा भी कर रहे थे। वही धड़धड़ी नदी में भी पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

दुरजागिन दरबार सेवा संघ के संस्थापक रवि सिंह ने बताया की प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुरानी संस्कृति और परंपरा को लोग भूलते जा रहे हैं। उसे बचाए रखने को लेकर एक बार फिर से पुरानी परंपरा के तहत मां की विदाई डोली में करने की शुरुआत की गई है।

साथ ही हम सभी के द्वारा यह अभियान भी चलाया जा रहा है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान कहीं भी कोई अश्लील गीत ना बजाए जाए।

इस दौरान मौके पर दुरजागिन दरबार सेवा संघ के संस्थापक रवि सिंह, संदीप कुमार सिंह, प्रवीण कुमार, विनय चंदेल, गोलू कुमार गुप्ता, पवन कुमार, सतेंदर कुमार, छितिज कुमार, पुटुन सिंह समेत कई युवा मौजूद थे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *