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Tuesday, June 18, 2024
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माकपा नेता सुभाष मुंडा हत्याकांड का खुलासा, तीन गिरफ्तार, जमीन विवाद में हुई थी हत्या

Ranchi Subhash Munda murder case

रांची : पुलिस ने माकपा नेता सुभाष मुंडा हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों में बिनोद कुमार उर्फ कन्हैया, छोटू खलखो और अभिजीत कुमार पाड़ी शामिल हैं। इनके पास से एक लोडेड रिवाल्वर, एक शॉटगन, टेलीस्कोप युक्त स्पोर्टिंग रायफल, एक पिस्टल, फॉर्च्यूनर गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद हुआ है।

रांची के एसएसपी किशोर कौशल ने शुक्रवार को बताया कि माकपा नेता सुभाष की हत्या जमीन विवाद में की गयी थी। 26 जुलाई को नगड़ी थाना के दलादली चौक के समीप माकपा नेता सुभाष मुंडा की उनके व्यवसायिक कार्यालय में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। नगड़ी थाना पुलिस ने 27 जुलाई को एफआईआर दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया।

एसएसपी ने बताया कि मुंडा मूलतः जमीन कारोबारी थे। दलादली मौजा स्थित 119 डिसमिल के भूखंड के स्वामित्व को लेकर लालगुटवा के रहने वाले जमीन कारोबारी छोटू खलखो उर्फ छोटू उरांव के साथ मनमुटाव था। इसके पहले भी 90 डिसमिल जमीन पर छोटू खलखो की ओर से समझौता किया गया था उस पर भी विवाद चल रहा था, जिससे छोटू खलखो गुस्से में था ।

एसएसपी ने बताया कि 119 डिसमिल जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से छोटू खलखों ने सुभाष मुंडा के सहयोगी बिनोद कुमार उर्फ कन्हैया को जमीन में आधा हिस्सा देने का प्रलोभन देकर अपने पक्ष में किया। इसके बाद छोटू खलखो और बिनोद कुमार उर्फ कन्हैया अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर बिनोद महतो की शादी के समय से ही सुभाष की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दिये। इसके एवज में अपराधियों को 15 लाख रुपये नगदी एवं उसी प्लॉट में से 10 डिसमिल जमीन देने का वायदा किया गया। छोटू खलखो की ओर से उन्हें छह डिसमिल जमीन भी दे दिया गया है।

घटना के पूर्व बिनोद कुमार उर्फ कन्हैया की ओर से अपराधियों को तीन लाख रुपये एवं छोटू खलखो की ओर से अग्रिम राशि के तौर पर एक लाख रुपये एवं एक 7.65 एमएम का देशी पिस्टल भी उपलब्ध कराया गया। एसएसपी ने बताया कि अपराधी घटना के पूर्व अपने साथ दो शूटर लाकर छोटू खलखो और बिनोद कुमार के सहयोग से घटनास्थल की रेकी की।

एसएसपी ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद छोटू खलखो, बिनोद कुमार, अभिजीत पाड़ी अपराधी सहयोगी दिखावा के तौर पर दलादली पहुंचे और उग्र भीड़ में शामिल होकर सरकारी कार्य में व्यवधान डालने, तोड़फोड़ करने और आगजनी में सक्रिय भूमिका भी निभायी। घटना के बाद अगले दिन हत्या में प्रयुक्त देशी हथियार छोटू खलखो को वापस कर दिया। यह हथियार छोटू खलखो की निशानदेही पर उससे बरामद किया गया।

घटना के बाद भेद खुलने के डर से छोटू खलखो सहयोगियों के साथ भागने की फिराक में थे। इसकी सूचना पर गुरुवार देर रात नया सराय नगड़ी रोड से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड में सभी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तारी के दौरान छोटू खलखो एवं उसके अपराधी सहयोगियों के पास से वाहन में छिपाकर रखे गये हथियार एवं गोली को बरामद किया गया। घटना में शामिल अन्य अपराधियों एवं शूटरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

Ranchi Subhash Munda murder case