Breaking :
||झारखंड में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, 20 जून तक मानसून करेगा प्रवेश||पलामू: बालिका गृह में दुष्कर्म पीड़िता की बहन की मौत, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम||सतबरवा प्रखंड के रैयतों ने सांसद से की मुलाकात, उचित मुआवजा दिलाने की मांग||पलामू में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में तीन की मौत, नेतरहाट घूमने जा रहा एक पर्यटक भी शामिल||केंद्रीय मंत्री शिवराज व असम के मुख्यमंत्री हिमंता झारखंड विधान सभा चुनाव में भाजपा का करेंगे बेड़ापार||झारखंड में पांच नक्सली ढेर, एक महिला नक्सली समेत दो गिरफ्तार, हथियार बरामद||अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग स्कूली बच्चों को नशीले पदार्थो के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में करेगा जागरूक||लातेहार: बालूमाथ में अनियंत्रित बाइक दुर्घटनाग्रस्त, दो युवक घायल, सांसद ने पहुंचाया अस्पताल, दोनों रिम्स रेफर||15 ऐसे महत्वपूर्ण कानून और कानूनी अधिकार जो हर भारतीय को जरूर जानने चाहिए||लातेहार में तेज रफ्तार बोलेरो ने घर में सो रहे पांच लोगों को रौंदा, एक की मौत, चार रिम्स रेफर
Tuesday, June 18, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरपलामू प्रमंडललातेहार

जानिये लातेहार की नवनियुक्त उपायुक्त गरिमा सिंह को, IPS से बनीं थीं IAS

Latehar DC Garima Singh

IAS Garima Singh : लातेहार की नवनियुक्त उपायुक्त आईएएस अधिकारी गरिमा सिंह का प्रशासनिक अधिकारी बनने का सफर काफी दिलचस्प है। एक बार उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक पुलिसकर्मी ने उनसे 100 रुपये की रिश्वत मांगी थी। हुआ यूं कि वह दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही थीं। एक बार वह देर रात अपने हॉस्टल रिक्शे से मॉल से लौट रही थी। रास्ते में एक पुलिसकर्मी ने चेकिंग के लिए उनका रिक्शा रोका। उन्होंने गरिमा सिंह से पूछा कि वह इतनी रात को कहां से आ रही है और कहां जा रही है। इसके बाद 100 रुपये की रिश्वत मांगी गयी।

Latehar DC Garima Singh

जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया तो वह परिवार को फोन कर घूमने की शिकायत करने की धमकी देने लगा। थोड़ी बहस के बाद उन्हें बिना पैसे लिये जाने दिया, लेकिन इस घटना से गरिमा सिंह के मन में पुलिस के प्रति कड़वाहट आ गयी।

आईएएस अधिकारी गरिमा सिंह का जन्म 14 फरवरी 1987 को यूपी के बलिया जिले में हुआ था। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। गरिमा सिंह बचपन में डॉक्टर बनना चाहती थीं। लेकिन उनके पिता ओमकार सिंह चाहते थे कि उनकी बेटी सिविल सेवा में जाये। उनके पिता पेशे से इंजीनियर थे।

गरिमा सिंह ने इतिहास में बीए और एमए किया। इसके बाद साल 2012 में पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर वह आईपीएस बन गयीं। वह दो साल तक प्रशिक्षु आईपीएस रहीं। उन्होंने झाँसी में सिटी एसपी के पद पर भी काम किया। एसपी पद पर रहते हुए वह साल 2016 में 55वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने।

आईएएस गरिमा सिंह ने आईपीएस बनने के दो साल बाद शादी कर ली। उनके पति पेशे से इंजीनियर हैं। एक आईएएस के रूप में गरिमा सिंह के काम को लोगों ने काफी सराहा है।

Latehar DC Garima Singh