Breaking :
||पलामू में बिजली गिरने से तीन किशोर की मौत, बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे छिपे थे||रांची में करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, तिरंगा लगाने के दौरान हुआ हादसा||15 अगस्त को झारखंड के 26 पुलिसकर्मियों को विभिन्न सेवाओं के लिए मेडल||रांची में नकली नोटों के तस्कर को पकड़ने गई दिल्ली पुलिस पर ग्रामीणों ने किया हमला, बनाया बंधक||झारखंड जल्द होगा सूखाग्रस्त घोषित, सभी मापदंडों पर तैयार हो रही रिपोर्ट||लातेहार: विद्यालय से उर्दू शब्द हटाए जाने पर मुस्लिम समुदाय में आक्रोश, किया प्रदर्शन||मुख्य धारा में लौटे नक्सलियों के सम्मान समारोह में अधिकारियों ने कहा- सरकार की सेरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाएं नक्सली||लातेहार : खेत में धान बो रहे किसान पर गिरी बिजली, पति-पत्नी की मौके पर ही मौत||झारखंड भाजपा को मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष, नियुक्ति को लेकर कई नामों पर चर्चा||अब झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी 100 यूनिट मुफ्त बिजली

अब झारखंड के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में छह साल के बच्चों का ही होगा एडमिशन

'

रांची : सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में सिर्फ छह साल के बच्चों का ही नामांकन होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में नामांकन में अनिवार्य रूप से इसका अनुपालन किया जायेगा।

राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र भेजकर इसे स्कूलों में लागू करने को कहा है। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निदेशक ई नवीन निकलास ने राज्य के शिक्षा सचिव को पत्र भेजकर सभी राज्यों में नामांकन में एकरूपता लाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की व्यवस्था लागू करने को कहा था।

रांची की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

इसमें कहा गया कि 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पांच साल बाद और 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छह साल बाद पहली कक्षा नामांकन लिया जा रहा है, जबकि सभी राज्यों में नामांकन में एकरूपता होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति छह वर्ष की आयु के बच्चों को पहली कक्षा में नामांकित करती है।

झारखण्ड की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

बता दें कि नीति में स्कूली कक्षाओं के लिए फाइव प्लस थ्री प्लस थ्री प्लस फोर की नई व्यवस्था दी गई है। इसके तहत पहले पांच साल में आंगनबाडी/प्री स्कूल/बाल वाटिका की तीन साल की पढ़ाई करनी होती है। कक्षा पहली से दूसरी कक्षा छह से आठ वर्ष के बीच, कक्षा तीन से पांच आठवीं से 11वीं वर्ष में, कक्षा छह से आठवीं 11वीं से 14वीं वर्ष में, कक्षा नौ से 12वीं 14वीं से 18वीं वर्ष में। केंद्र ने पिछले साल मार्च में राज्य सरकार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए थे।