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लातेहार: नक्सली हमले के बाद मौके पर पहुंचे एसपी ने कहा- पुलिस जल्द ही करेगी घटना का खुलासा

मंगलवार की देर शाम नक्सलियों ने थर्ड रेल लाइन निर्माण स्थल पर किया था हमला

लातेहार : सीआईसी सेक्शन के बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत टोरी और चेतर स्टेशन के बीच थर्ड रेल लाइन पर निर्माणाधीन 188 नम्बर ब्रिज पर आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के अंदर काम कर रही कंपनी टीटीआईपीएल की साइट पर मंगलवार की देर शाम नक्सली हमले के बाद सोमवार की सुबह एसपी अंजनी अंजन, सीआरपीएफ कमांडेंट प्रणव झा, एसडीपीओ संतोष कुमार मिश्रा, पुलिस निरीक्षक सह चंदवा थाना प्रभारी बबलू कुमार घटनास्थल पहुंचे। इससे पूर्व कंपनी के निदेशक साई कृष्णा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे थे।

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एसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा

मौके पर एसपी अंजनी अंजन ने अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल का जायजा लिया और कंपनी के निदेशक साई कृष्णा से बात की। निरीक्षण के क्रम में एसपी ने कंपनी के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से भी घटना की जानकारी ली। हालांकि मौके पर मौजूद कंपनी कर्मी डर के मारे बात करने से कतरा रहे थे।

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पुलिस जल्द ही घटना में शामिल लोगों व संगठन का करेगी खुलासा : एसपी

मौके पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए एसपी अंजनी अंजन ने कहा जिले में कई संगठनों की गतिविधियां चलती रहती हैं। इनमें भाकपा माओवादी, पीएलएफआई, टीएसपीसी, जेजेएमपी समेत कई संगठन हैं। इस घटना को किस संगठन ने अंजाम दिया, इसकी जांच की जा रही है, जल्द ही घटना में शामिल लोगों व संगठन का खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस हर बिंदु को ध्यान में रखकर अनुसंधान में जुटी है। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जाएगी। थर्ड रेल लाइन निर्माण में लगे कर्मियों की सुरक्षा को लेकर उठाये गए सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासन कर्मियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

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पतरातू से सोननगर तक थर्ड रेल लाइन का हो रहा निर्माण

आपको बता दें कि आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के द्वारा पतरातू से सोननगर तक थर्ड रेल लाइन का निर्माण कराया जा रहा है। इसी दौरान मंगलवार की देर शाम नकसलियों ने चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत टोरी और चेतर स्टेशन के बीच थर्ड रेल लाइन पर निर्माणाधीन 188 नम्बर ब्रिज पर हमला कर निर्माण कार्य में लगे कंपनी के कर्मियों को बंधक बना लिया और मशीनों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद रात होने के कारण पुलिस ने मौके पर जाना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस के पहुंचने से पहले ही करोड़ों की मशीनें जलकर राख हो चुकी थीं।

प्रत्यक्षदर्शी कंपनी कर्मी की ज़ुबानी

इधर, नक्सलियों द्वारा बंधक बनाये गये कर्मी रंजीत कुमार ने बताया कि घटना शाम करीब सवा चार बजे की है। साइट पर काम चल रहा था। सभी मजदूर और कर्मचारी अपने-अपने काम में लगे हुए थे। तभी 10 से 20 हथियारबंद नक्सली साइट पर पहुंचे और कहा कि यहां का मालिक कौन है, तो हमलोगों ने कहा कि यहां सिर्फ मजदूर हैं। इसके बाद नक्सलियों ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है, जैसा वे कहते हैं वैसा करो और फिर साइट पर रखे ड्रम से डीजल निकाल कर आग लगाने का आदेश दिया। जब मजदूरों ने आग लगाने से मना किया तो उन्होंने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद डर के मारे मजदूरों ने डीजल निकाला और कुछ वाहनों में आग लगा दी। बाकी वाहनों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। कर्मी ने बताया कि कुछ लोग बड़े हथियारों से लैस थे तो कुछ लोगों के पास छोटे हथियार थे। बात बात पर हमलोगों की कनपट्टी में पिस्टल सटा दे रहे थे, जिससे मजबूरी में मशीनों व वाहनों को जलानी पड़ी।

नक्सलियों द्वारा जलायी गयीं मशीने व वाहन

जले वाहनों में तीन बेंच मशीन, एक जेसीबी, एक हाइवा, तीन बाइक, एक हाइड्रा शामिल है। इसके अलावा डीजी जनरेटर को भी आग के हवाले कर दिया गया है। कंपनी सूत्रों के मुताबिक घटना से प्रबंधन को 15 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। वाहनों को जलाने के बाद उग्रवादी नारेबाजी और हवा में फायरिंग करते जंगल की ओर चले गये।