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दस लाख के इनामी माओवादी समेत दो नक्सलियों ने किया सरेंडर, नक्सली ने कहा- बेटी की आग्रह पर मुख्य धारा में लौटा

Jharkhand naxal surrender

पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमले का आरोपी है सुरेश मुंडा

रांची : झारखंड में नक्सलियों का दस्ता कमजोर होता जा रहा है। संगठन के सदस्य सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर संगठन से नाता तोड़ रहे हैं। साथ ही पुलिस के सामने सरेंडर भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक करोड़ का इनामी अनल दा दस्ते के दो प्रमुख सदस्य सुरेश सिंह मुंडा और लोदरो लोहार ने रांची पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। गौरतलब है कि सुरेश सिंह मुंडा पर 10 लाख और लोदरो लोहार पर दो लाख का इनाम था।

सुरेश मुंडा के खिलाफ 67 और लोदरा के खिलाफ 54 मामले दर्ज हैं। सुरेश मुंडा कुंदन पाहन के लिए रांची और खूंटी इलाके में नक्सली संगठन के लिए काम करता था, जो जोनल कमांडर रह चुका था। इसके साथ ही उन्हें संस्था की अन्य गतिविधियों की भी जिम्मेदारी दी गई थी। सुरेश सिंह मुंडा बुंडू थाना अंतर्गत बाराहातु का रहने वाला है।

सुरेश मुंडा का भाई प्रभात सिंह मुंडा भी नक्सली है। वह संगठन के लिए काम करता है। सुरेश मुंडा के बारे में कहा जाता है कि पिछले दिनों उनकी बेटी उनसे पास के जंगल में मिली और मुख्य धारा में लौटने का अनुरोध किया। जिसके बाद उन्होंने सरेंडर करने का फैसला किया।

बताया जा रहा है कि पुलिस दोनों के जरिए एक करोड़ के इनामी नक्सली अनल दा तक पहुंचने की कोशिश करेगी। ज्ञात हो कि मनोहरपुर से भाजपा के पूर्व विधायक गुरचरण नायक के काफिले पर हमले में सुरेश सिंह मुंडा का हाथ था। इस हमले में दो पुलिस कर्मियों की जान चली गई थी।

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